हिम्मत करने वालों की कभी हार नही होती..
लेहरों से डरकर नौका पार नहीं होती..
हिम्मत करने वालों की कभी हार नही होती..
नन्ही चींटीं जब दाना लेकर चढती है..
चढती दीवारों पर सो बार फ़िसलती है..
मनका विश्वास रगॊं मे साहस भरता है..
चढकर गिरना, गिरकर चढना ना अखरता है..
मेहनत उसकी बेकार हर बार नहीं होती..
हिम्मत करने वालों की कभी हार नही होती..
डुबकियां सिंधुमें गोताखोर लगाता है..
जा जा कर खाली हांथ लौटकर आता है..
मिलते ना सहज ही मोती गेहरे पानी में..
बढता दूना विश्वास इसी हैरानी में..
मुट्ठी उसकी खाली हर बार नहीं होती..
हिम्मत करने वालों की कभी हार नही होती..
असफ़लता एक चुनौती है.. स्वीकार करो..
क्या कमी रेह गयी देखो और सुधार करो..
जब तक ना सफ़ल हो नींद-चैन को त्यागो तुम..
संघर्षोंका मैदान छोड मत भागो तुम..
कुछ किये बिना ही जयजयकार नहीं होती..
हिम्मत करने वालों की कभी हार नही होती..
——————————————कवी श्रीयुत हरिवंश राय बच्चन..
रविवार, 9 अगस्त 2009
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Aapkee is ichha ka safar kamyaab rahe..!
जवाब देंहटाएंhttp://shamasansmaran.blogspot.com
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Akele bado tum,na ho saath koi safalta tumhare charan choom legi.
जवाब देंहटाएंहिन्दी ब्लॉग जगत में आपका स्वागत है ।
जवाब देंहटाएंबहुत सुन्दर कविता पेश की है आपने !
Bahut Barhia... isi tarah likhte rahiye...
जवाब देंहटाएंhttp://hellomithilaa.blogspot.com
Mithilak Gap...Maithili Me
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Aapke Bheje Photo
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Manpasand Gaane
dekhane ki bat yah hai ki jazaba kahan tak qayam rahata hai
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